Neem (नीम)
India का सबसे मशहूर पेड़ और आयुर्वेद में औषधियों में खास इस्तेमाल किया जाने वाला जिसका स्वाद एकदम कड़वा और औषधि गुण रखने वाला पेड़ है जिसे हम सब Neem नाम से जानते हैं.
यह पेड़ ऐसा है जिसका नाम सुनते ही हमारी जबान का स्वाद कड़वा होने लगता है, ऐसे कहा जाता है अगर नीम का पेड़ अपने आसपास तो हमारे आसपास की हवा शुद्ध और ठंडी होती है इस पेड़ का हर हिस्सा medicine के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है जैसे कि नीम के पत्ते उस की छाल उसके फूल उसका फल जड़ इन सबको दवाइयों के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
Neem के फायदे और उपयोग:
इसका उपाय hair के लिए भी किया जाता है ,इसके पत्तों को पानी में उबालकर उस पानी का रंग हरा होने तक उसे उबाल लें और पानी को ठंडा होने पर इस पानी से सर धोले इसको हम शाम को करने के बाद करे तो conditioner की जरूरत भी नहीं पड़ेगी आपके बाल सॉफ्ट और silky (सिल्की )हो जाएंगे.और सर की skin रूखी नहीं होगी और बालों से रूसी दूर हो जाएगी अगर आपके बालों में lice की समस्या है तो इसके इस्तेमाल से भी वह दूर हो जाएगी.
Neem का Oil, नीम की पत्तियां, पत्तियों का रस, उसका लेप यह सब त्वचा के लिए फायदेमंद है,नीम की पत्तियों का लेप (मुहांसों ) Pimple के लिए गुणकारी है. नीम के तेल से त्वचा की सुंदरता बढ़ती है और त्वचा में निखार आता है. नीम antibacterial , anti-fungal से भरपूर है, तथा इस में जलन रोधी गुण होते हैं जो संक्रमण से बचाते हैं और आप की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाते हैं.

नीम के कोई साइड इफेक्ट नहीं है pimples के लिए नीम का तेल सबसे अच्छा उपाय है नीम को shampoo, तेल साबुन फेस पैक Face wash जैसी कई Beauty Product के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
neem का तेल और उसका लेप मुंहासे सोरायसिस खुजली फंगल इंफेक्शन जैसी समस्या से लिए मुक्ति पानी के लिए मदद करता है.
नीम की छोटी-छोटी लकड़ियों का दातों की सफाई करने के लिए यूज किया जाता है नीम बैक्टीरिया से लड़ता है. दांतों और मसूड़ों की सफाई करता है देखभाल करता है यह एंटीसेप्टिक होने की वजह से यह मसूड़ों और teeth को मजबूत बनाता है.
हमारे जीवन शैली में काफी बदलाव आए हैं बदलाव के साथ साथ हमारी उम्र भी कम होती जा रही है और सुंदरता भी कम होती जा रही है हमारी सुंदरता उम्र के साथ बढ़ने के लिए नीम के तेल को रोजाना सोने से पहले या नहाने से पहले अपने फेस पर मसाज कर ले और गुनगुने पानी से चेहरे को धो लें इस तरह 1 महीने तक करें और अपनी सुंदरता बढ़ा है और अपने चेहरे को चमकदार और निखार लाएं.
neem का तेल और उसकी पत्तियां बीमारियों में खास तौर पर इस्तेमाल करते हैं नीम का रस या काढ़ा पीने से जीर्ण बुखार निकल जाता है और chickenpox की बीमारी में नीम की पत्तियों को बिछाकर कर उस पर सुलाया जाता है नीम की पत्तियों से हवा दी जाती है जिससे शरीर को ठंडक मिलती है.
मलेरिया में भी नीम की छाल का काढ़ा बनाकर सौंठ में धनिया मिलाकर पीने से मलेरिया से फायदा होता है. नीम का तेल तुलसी का रस कपूर को मिक्स करके All-Out लिक्विड वाली बोतल में भरकर ऑल आउट मशीन में लगा कर चलाने से डेंगू मलेरिया के मच्छरों से अपने परिवार की हिफाजत कर सकते हैं.
Neem की पत्तियों को चबाने से रक्त शोधन होता है और नीम की पत्तियों का रस और शहद का सेवन करने से पीलिया कम होता है. नीम की निंबोरिया खाने से पेट की कोई तकलीफ नहीं होती.
गर्मियों में लू लग जाने पर नीम की पत्तियां फूल छाल फल का चूर्ण पानी के साथ लेने पर लू कम हो जाती है.
नीम का इस्तेमाल मधुमेह में और भी बड़ी बीमारियों में खास तौर पर इस्तेमाल किया जाता है.
Neem की पत्तिया अनाज मे रखने से अनाज साफ रहता है कोई भी कीड़े उसमें नहीं पनपते. उस के कड़वे पन की वजह से आपका अनाज हमेशा सेफ रहता है.